पुराने लखनऊ की गलियों से निकली एक दास्तान
लखनऊ में बिरयानी की चर्चा हो और लल्ला बिरयानी का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। चौपटिया चौराहा के पास स्थित यह साधारण-सी दुकान दशकों से अपने असली अवधी स्वाद और पारंपरिक पकाने की शैली के लिए मशहूर है।
लल्ला बिरयानी की पहचान उसकी सुगंधित मटन दम बिरयानी है, जिसे लंबे दाने वाले बासमती चावल, मुलायम मटन, खुशबूदार साबुत मसालों और पारंपरिक दम तकनीक से तैयार किया जाता है। बड़े-बड़े देगों में घंटों तक धीमी आंच पर पकाई जाने वाली यह बिरयानी हर चावल के दाने में मटन और मसालों का स्वाद समो देती है।
इस बिरयानी की सबसे बड़ी खासियत इसका संतुलित स्वाद है। यहां मसालों की अधिकता नहीं, बल्कि उनकी खुशबू और नफासत पर जोर दिया जाता है। यही कारण है कि लल्ला बिरयानी आज भी लखनऊ की नवाबी पाक परंपरा का जीवंत प्रतीक बनी हुई है।
लखनवी बिरयानी क्यों है खास?
भारत के विभिन्न हिस्सों की बिरयानियों की तुलना में लखनवी बिरयानी काफी अलग है। जहां कई बिरयानियां तेज मसालों और तीखे स्वाद के लिए जानी जाती हैं, वहीं लखनवी बिरयानी की पहचान उसकी कोमल खुशबू, संतुलित मसाले और नफासत है।
बाहरी लोग अक्सर इसे “पुलाव” कह देते हैं, लेकिन असल में यही इसकी खूबसूरती है। इस बिरयानी में अदरक, लहसुन या मसालों के बड़े टुकड़े खाने वाले के मुंह में नहीं आते। यहां उद्देश्य मसालों को दिखाना नहीं, बल्कि उनकी खुशबू और स्वाद को हर दाने में समाहित करना होता है।
सामग्री (लगभग 90–100 लोगों के लिए)
यह एक व्यावसायिक (Commercial) मात्रा की रेसिपी है। आवश्यकता अनुसार मात्रा कम या अधिक की जा सकती है।
मटन के लिए
- 5 किलोग्राम मटन (हड्डी सहित)
- 3–3.5 किलोग्राम घी
- 1.5 किलोग्राम प्याज, पतले कटे हुए
- अदरक-लहसुन का छना हुआ रस
- हल्दी का पेस्ट
- लाल मिर्च पाउडर
- नमक स्वादानुसार
- साबुत मसाले (लौंग, हरी इलायची आदि)
- केवड़ा जल
- आवश्यकतानुसार पानी
चावल के लिए
- 10–15 किलोग्राम पुराना बासमती चावल
- भिगोने और उबालने के लिए पानी
- लौंग
- हरी इलायची
- नमक
लेयरिंग के लिए
- अतिरिक्त घी
- खाने वाला रंग (पानी में घुला हुआ)
- लौंग और इलायची मिला हुआ दूध
- देग सील करने के लिए आटा
बनाने की विधि
चरण 1: चावल भिगोना
बासमती चावल को अच्छी तरह धोकर लगभग दो घंटे के लिए पानी में भिगो दें। इससे चावल समान रूप से पकते हैं और उनके दाने लंबे व अलग-अलग बने रहते हैं।
चरण 2: मटन की तैयारी
एक बड़ी देग में भरपूर मात्रा में घी गर्म करें। इसमें कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। इसके बाद प्याज को निकालकर अलग रख दें। यही सुनहरा तला हुआ प्याज “बिरिस्ता” कहलाता है।
अब घी में तले हुए प्याज की खुशबू समा चुकी होती है। यह सुगंध इतनी मनमोहक होती है कि भूख अपने आप बढ़ जाती है।
इसके बाद अदरक-लहसुन के पेस्ट को सीधे डालने के बजाय उसे छानकर केवल उसका रस इस्तेमाल किया जाता है। पारंपरिक लखनवी बिरयानी की यही विशेषता है कि खाने वाले को मसालों के टुकड़े नहीं मिलते, बल्कि उनकी खुशबू और स्वाद हर दाने में महसूस होता है।
अब मटन, हल्दी का पेस्ट, अदरक-लहसुन का रस और आवश्यकतानुसार पानी डालें।
साबुत मसालों को कपड़े की पोटली में बांधकर देग में डालें। फिर लाल मिर्च और नमक मिलाएं।
मटन को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह मुलायम न हो जाए।
चरण 3: खुशबू जोड़ना
मटन में केवड़ा जल डालें और पकाना जारी रखें। जब मटन अपना रस छोड़ दे और पूरी तरह पक जाए, तब उसे शोरबे से अलग कर लें।
शोरबे को बाद में उपयोग के लिए सुरक्षित रखें।
चरण 4: मटन की परत लगाना
एक बड़ी बिरयानी की देग में पके हुए मटन के टुकड़ों को समान रूप से फैलाएं।
ऊपर से थोड़ा शोरबा और घी डालें। बिरयानी का पारंपरिक रंग लाने के लिए थोड़ा रंग मिला पानी भी डालें।
चरण 5: चावल पकाना
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और उसमें लौंग, हरी इलायची और नमक डालें।
भीगे हुए चावल डालकर लगभग 90 प्रतिशत तक पकाएं। बाकी 10 प्रतिशत चावल दम के दौरान पक जाएंगे।
इसके बाद चावल को सावधानी से छान लें।
चरण 6: बिरयानी की लेयरिंग
मटन के ऊपर अधिकांश चावल फैला दें।
अब ऊपर से घी, रंग मिला पानी और खुशबूदार दूध छिड़कें।
फिर बाकी चावल डालकर सतह को समतल कर दें।
चरण 7: दम लगाना
देग को ढक्कन से बंद करें और किनारों को आटे से सील कर दें ताकि भाप बाहर न निकल सके।
धीमी आंच पर लगभग दो घंटे तक दम दें।
इसी दौरान चावल मटन, शोरबे और मसालों की पूरी खुशबू को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं।
चरण 8: परोसना
आटे की सील हटाकर देग खोलें।
चावल को धीरे-धीरे फुलाएं ताकि दाने टूटें नहीं।
गरमागरम बिरयानी को रायता, सालन या प्याज के सलाद के साथ परोसें।
परोसने के सुझाव
लखनवी मटन दम बिरयानी के साथ परोसें:
- बूंदी का रायता
- पुदीना दही डिप
- प्याज का सलाद
- हरी चटनी
- मटन शोरबा
लल्ला बिरयानी का स्वाद जो याद रह जाए
लखनऊ की गलियों में बिरयानी की कई दुकानें हैं, लेकिन लल्ला बिरयानी ने अपने पारंपरिक अवधी स्वाद और दम पकाने की कला के दम पर एक अलग पहचान बनाई है। चौपटिया चौराहे के पास स्थित यह दुकान दशकों से बिरयानी प्रेमियों की पसंदीदा जगह बनी हुई है। यहां की मटन दम बिरयानी में लंबे बासमती चावल, मुलायम मटन और खुशबूदार मसालों का ऐसा मेल मिलता है जो हर निवाले को यादगार बना देता है।
अगर आप पुराने लखनऊ के असली नवाबी स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो लल्ला बिरयानी आपकी सूची में जरूर होनी चाहिए। यहां की बिरयानी केवल पेट नहीं भरती, बल्कि लखनऊ की समृद्ध खाद्य परंपरा से भी आपका परिचय कराती है। यही वजह है कि वर्षों बाद भी इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई और आज भी लोग दूर-दूर से इसका स्वाद चखने आते हैं।
कैसे पहुंचें?
पता:
बाल मुकुंद बाजपेयी मार्ग, तंबाकू मंडी, चौपटियां, चौक, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226003
फोन: +91 98891 94949
समय: प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
यदि आप हजरतगंज, गोमती नगर या शहर के किसी अन्य हिस्से से आ रहे हैं, तो बस “लल्ला बिरयानी, चौपटिया चौक” पूछ लीजिए। पुराने लखनऊ की यह मशहूर बिरयानी की दुकान आपको आसानी से मिल जाएगी।

